Tariff Based Competitive Bidding
भारत में बिजली वितरण और ट्रांसमिशन व्यवस्था लगातार आधुनिक हो रही है। इसी प्रक्रिया में एक शब्द बहुत तेजी से लोकप्रिय हुआ है—TBCB, जिसका पूरा नाम है Tariff Based Competitive Bidding। अगर आप बिजली क्षेत्र (Power Sector) से जुड़े हैं, ट्रांसमिशन लाइनों पर काम करते हैं, या इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो TBCB को समझना बहुत जरूरी है।
TBCB की Definition (परिभाषा)-
Tariff Based Competitive Bidding एक ऐसी पारदर्शी निविदा प्रक्रिया है, जिसमें ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट उस कंपनी को दिया जाता है जो सबसे कम टैरिफ (ARR – Annual Revenue Requirement) ऑफर करती है।
सरल शब्दों में:
जिस कंपनी ने सबसे कम वार्षिक शुल्क पर ट्रांसमिशन लाइन/सबस्टेशन बनाने और 35–40 साल चलाने की बोली लगाई—उसे प्रोजेक्ट मिलता है।
TBCB क्यों शुरू किया गया?
भारत सरकार का उद्देश्य था कि—
ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट की लागत कम की जाए
उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिले
बड़े प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों
निजी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा बढ़े
सरकारी खर्च और जोखिम कम हो
TBCB मॉडल से बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ती है।
TBCB किस तरह काम करता है?
TBCB प्रक्रिया चार मुख्य चरणों में पूरी होती है:
1️⃣ Request for Qualification (RFQ)
कंपनियों की पात्रता (Eligibility) चेक की जाती है
अनुभव, तकनीकी क्षमता, वित्तीय स्थिति देखी जाती है
2️⃣ Request for Proposal (RFP)
योग्य कंपनियों को विस्तृत प्रोजेक्ट डॉक्यूमेंट दिया जाता है और उनसे टैरिफ आधारित बोली मांगी जाती है।
3️⃣ Lowest Tariff (L1) का चयन
जो कंपनी सबसे कम टैरिफ (ARR) Quote करती है
वही L1 bidder कहलाती है
और उसी को प्रोजेक्ट दिया जाता है
4️⃣ निर्माण + संचालन (Build & Operate)
L1 कंपनी प्रोजेक्ट बनाती है और अनुबंध अवधि (आमतौर पर 35 वर्ष) तक उसे चलाती है।
ARR (Annual Revenue Requirement) का मतलब
ARR वह वार्षिक शुल्क है जिसे TBCB के तहत चयनित कंपनी को दिया जाता है।
यही टैरिफ तय करता है कि प्रोजेक्ट कितना सस्ता या महंगा होगा।
उदाहरण:
| कंपनी | ARR Quoted (₹ Crore/Year) | स्थिति |
|---|---|---|
| कंपनी A | 128 | L2 |
| कंपनी B | 131 | L3 |
| कंपनी C | 115 | L1 – प्रोजेक्ट इसी को मिला |
TBCB के तहत कौन-कौन से प्रोजेक्ट आते हैं?
TBCB में प्राइवेट कंपनियाँ आम तौर पर निम्न प्रोजेक्ट पर बोलियाँ लगाती हैं:
400/765 kV Transmission Lines
220/132 kV EHV Substations (AIS/GIS)
LILO Projects
Inter-State Transmission Projects (ISTP)
Intra-State High-capacity Projects
TBCB बनाम Regulated Tariff (UPPTCL जैसे PSUs)
| विशेषता | Regulated Tariff (UPPTCL/PSU) | TBCB (Private) |
|---|---|---|
| लागत निर्धारण | Return on Equity, Depreciation आदि पर आधारित | Lowest ARR Based |
| प्रोजेक्ट लागत | Commission द्वारा approve | Bidding द्वारा तय |
| काम की गति | सरकारी प्रक्रियाओं पर निर्भर | टाइम-बाउंड + पेनाल्टी |
| जोखिम | सरकारी | निजी कंपनी |
| टैरिफ | Cost-plus | Fixed Contract Period |
TBCB मॉडल के लाभ
1. सस्ती Transmission Cost
क्योंकि lowest tariff वाला चुन लिया जाता है।
2. प्रतिस्पर्धा बढ़ती है
Private players के आने से efficiency बढ़ती है।
3. प्रोजेक्ट समय पर पूरे होते हैं
Dealy पर जुर्माना होने से कंपनियाँ टाइमलाइन का पालन करती हैं।
4. सरकारी बजट पर भार नहीं
पूरी लागत प्राइवेट कंपनी उठाती है।
5. उपभोक्ताओं को अप्रत्यक्ष फायदा
Transmission cost कम, तो कुल बिजली बिल भी कम हो सकता है।
भारत के बिजली क्षेत्र में TBCB का भविष्य
TBCB का विस्तार लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में:
अधिक transmission corridors
नई 765 kV और 400 kV लाइनें
बड़े interstate power evacuation प्रोजेक्ट
Renewable energy (Solar/Wind) evacuation lines
लगभग हर बड़े प्रोजेक्ट TBCB के माध्यम से ही आवंटित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
TBCB यानी Tariff Based Competitive Bidding भारत के ट्रांसमिशन सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव का मॉडल है।यह न केवल प्रोजेक्ट को सस्ती लागत पर पूरा करवाता है, बल्कि बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ाता है।
भारत के कुछ TBCB Projects की सूची (FY2024-25)
| Sr | प्रोजेक्ट का नाम | ठेकेदार / विजेता बोलीदाता | टैरिफ (वार्षिक) / टिप्पणी | स्रोत |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Western Region Strengthening Scheme‑XIX (WRSS‑XIX) & North Eastern Region Strengthening Scheme‑IX (NERSS‑IX) | Sterlite Grid 13 Limited | ₹ 256.59 क्रोड़/वर्ष | (Press Information Bureau) |
| 2 | Transmission system strengthening for evacuation from solar energy zones in Rajasthan (8.1 GW) – Phase II Part‑F | Power Grid Corporation of India Limited | ₹ 140.40 क्रोड़/वर्ष | (Press Information Bureau) |
| 3 | Transmission system strengthening for evacuation from solar energy zones in Rajasthan (8.1 GW) – Phase II Part‑A | Power Grid | ₹ 39.05 क्रोड़/वर्ष | (Press Information Bureau) |
| 4 | Evacuation of power from RE sources in Koppal Wind Energy Zone (Karnataka) 2,500 MW | ReNew Transmission Venture Pvt. Ltd. | ₹ 61.13 क्रोड़/वर्ष | (Press Information Bureau) |
| 5 | Evacuation of power from RE sources in Karur/Tiruppur Wind Energy Zone (Tamil Nadu) 1,000 MW – Phase‑I | Adani Transmission Ltd. | ₹ 18.35 क्रोड़/वर्ष | (Press Information Bureau) |